फरवरी 2026 में कई राज्यों में स्कूलों को लगातार पांच दिन बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यह घोषणा सामने आते ही बच्चों और अभिभावकों के बीच उत्साह और राहत दोनों देखने को मिले। ठंड और घने कोहरे की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। यह अवकाश 17 फरवरी से 21 फरवरी तक लागू रहेगा और दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में प्रभावी होगा।
सरकार ने यह फैसला मौसम विभाग की चेतावनी और बढ़ती सर्दी को ध्यान में रखते हुए लिया है। तापमान में गिरावट और सुबह के समय कम दृश्यता के कारण छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी ठंड के दौरान बच्चों में सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ने की आशंका जताई थी। इन्हीं कारणों से शिक्षा विभाग ने अस्थायी रूप से स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया।
इस अवधि के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह से रुके नहीं, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वीडियो लेक्चर और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को घर पर नियमित समय सारिणी का पालन करने के लिए प्रेरित करें, ताकि पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।
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कुछ राज्यों में जरूरतमंद परिवारों के लिए विशेष सहायता उपाय भी किए गए हैं। मिड-डे मील से जुड़े छात्रों को सूखा राशन या भोजन पैकेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है, ताकि पोषण पर असर न पड़े। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के लिए निःशुल्क जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की संभावना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगा। कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि, परीक्षा कार्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव घोषित नहीं किया गया है। छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर शिक्षकों को पाठ्यक्रम की भरपाई के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लेने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
अभिभावकों को सुझाव दिया गया है कि वे बच्चों का स्क्रीन समय सीमित रखें और उन्हें हल्का व्यायाम तथा पौष्टिक भोजन दें। मौसम में सुधार होने पर खुले वातावरण में खेलकूद को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है। यदि किसी बच्चे को सर्दी या स्वास्थ्य समस्या हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
यह पांच दिन का अवकाश विद्यार्थियों को आराम देने और स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से लिया गया निर्णय है। सही योजना और अनुशासन के साथ यह समय बच्चों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। स्कूल बंद रहने की अंतिम तिथि, ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं राज्य सरकारों और संबंधित शिक्षा विभाग के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार बदल सकती हैं। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य जांच लें।





